Wednesday, May 29, 2024

चाँद से थोड़ी सी गप्पे

- Advertisement -spot_imgspot_img
- Advertisement -spot_img

NCERT Solutions for Class 6 Hindi Chapter 4

छठी कक्षा की हिंदी पाठ्यपुस्तक (यूपी बोर्ड) में “चाँद से थोड़ी सी गप्पे” एक कविता है जो एक दस-ग्यारह साल की लड़की की सपनों और कल्पनाशील दुनिया की झलक दिखाती है। पूर्णिमा की रात, चाँद को निहारते हुए वह उसके साथ गप्पें लगाने लगती है। उसके सवाल न सिर्फ मासूम और हास्यपूर्ण होते हैं, बल्कि वैज्ञानिक जिज्ञासा और दार्शनिक चिंतन को भी छूते हैं।

बच्ची के सवाल:

  • चाँद पर लगे धब्बे क्या हैं? क्या ये तिल जैसे हैं? – यह सवाल बच्चे की निरीक्षण शक्ति और हास्यपूर्ण कल्पना को दर्शाता है।
  • चाँद का आकार कैसा है? क्या वो पृथ्वी से बड़ा है या छोटा? – यहां जिज्ञासा प्रबल है। बच्ची ब्रह्मांड के विस्तार को समझने की कोशिश कर रही है।
  • चाँद हर रात छोटा-बड़ा क्यों होता है? क्या वह बीमार है? – यह सवाल चंद्रमा के बदलते हुए रूप को देखकर उत्पन्न हुआ है। इसमें न केवल जिज्ञासा है, बल्कि चाँद के लिए चिंता भी झलकती है।
  • चाँद के पंख क्यों नहीं हैं? क्या वह उड़ नहीं सकता? – यह सवाल कल्पना और वास्तविकता को मिला देता है। बच्ची चाँद को एक जीवंत प्राणी के रूप में सोच रही है।

कविता के अन्य मुख्यबिंदु:

  • कल्पनाशील उत्तर: चाँद उसके सवालों का जवाब हास्य और कल्पना से देता है। वह धब्बों को मिठाई के छींटे बताता है, चाँद के आकार को खीरे से तुलना करता है, और कहता है कि हर रात एक नया चाँद बनता है, इसलिए आकार बदलता रहता है। पंख न होने को आकाश में तैरने की क्षमता बताकर हास्य उत्पन्न करता है।
  • भाषाशैली: कविता सरल और लयबद्ध भाषा में लिखी गई है, जो बच्चों को पढ़ने में आसानी देता है।
  • संदेश: कविता बच्चों को सवाल पूछने, कल्पनाशील होने और दुनिया के रहस्यों को जानने के लिए प्रेरित करती है। यह उन्हें जिज्ञासु और सीखने का शौक रखने के लिए प्रेरित करती है।

“चाँद से थोड़ी सी गप्पे” एक ऐसी कविता है जो एक बच्चे की कल्पनाशील दुनिया का सुंदर चित्रण करती है। यह सरलता से विज्ञान, कल्पना और दर्शन को जोड़कर न केवल मज़ेदार है, बल्कि सीखने और सोचने की भी प्रेरणा देती है।

NCERT Solutions for Class 6 Hindi Chapter 4

प्रश्न उत्तर:

प्रश्न 1. कहानी से

1. चाँद से थोड़ी सी गप्पे में बच्ची चाँद से कौन-कौन से प्रश्न पूछती है?

उत्तर: “चाँद से थोड़ी सी गप्पे” में बच्ची चाँद से निम्नलिखित प्रश्न पूछती है:

  1. तुम्हारे शरीर पर धब्बे क्यों हैं?
  2. तुम्हें क्या लगता है, तू धरती से बड़ा है या छोटा?
  3. तुम हर रात अपना आकार क्यों बदलते हो?
  4. तुम्हारे पास पंख क्यों नहीं हैं?

इन प्रश्नों के अलावा, बच्ची चाँद से यह भी पूछती है कि क्या वह कभी धरती पर आ सकता है, क्या वह धरती को देख सकता है, और क्या उसे धरती से डर लगता है।

2. चाँद बच्ची के प्रश्नों का उत्तर कैसे देता है?

उत्तर: चाँद बच्ची के प्रश्नों का उत्तर हास्य और कल्पना से देता है। वह धब्बों को मिठाई के छींटे बताता है, चाँद के आकार को खीरे से तुलना करता है, और कहता है कि हर रात एक नया चाँद बनता है, इसलिए आकार बदलता रहता है। पंख न होने को आकाश में तैरने की क्षमता बताकर हास्य उत्पन्न करता है।

3. “चाँद से थोड़ी सी गप्पे” कविता से हमें क्या सीख मिलती है?

उत्तर:”चाँद से थोड़ी सी गप्पे” कविता से हमें निम्नलिखित सीख मिलती हैं:

  • हमें जिज्ञासु होना चाहिए और दुनिया के बारे में प्रश्न पूछने चाहिए।
  • हमें कल्पनाशील होना चाहिए और दुनिया को नए और रोचक तरीके से देखना चाहिए।
  • हमें सरलता और हास्य का आनंद लेना चाहिए।
  • हमें विज्ञान और दर्शन के बारे में सोचना चाहिए।

यह कविता बच्चों को सीखने, सोचने और कल्पना करने के लिए प्रेरित करती है।

प्रश्न 2. अनुमान और कल्पना

1. यदि आप चाँद पर जा सकते हैं, तो आप वहाँ क्या-क्या करना चाहेंगे?

उत्तर: यदि मैं चाँद पर जा सकता हूँ, तो मैं निम्नलिखित कार्य करना चाहूँगा:

  • चाँद की सतह पर चलना और उसकी बनावट को महसूस करना।
  • चाँद से पृथ्वी को देखना और उसकी सुंदरता का अनुभव करना।
  • चाँद पर मौजूद खनिजों और चट्टानों का अध्ययन करना।
  • चाँद पर एक तम्बू लगाकर वहाँ रात बिताना।
  • चाँद पर एक झंडा फहराना और भारत का नाम रोशन करना।

2. यदि चाँद पर जीवन संभव हो, तो आपको लगता है कि वहाँ रहने वाले लोगों का जीवन कैसा होगा?

उत्तर: मेरे विचार में, चाँद पर रहने वाले लोगों का जीवन पृथ्वी पर रहने वाले लोगों के जीवन से बहुत अलग होगा। उन्हें निम्नलिखित चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा:

  • गुरुत्वाकर्षण कम होने के कारण, उन्हें चलने-फिरने में परेशानी होगी।
  • चाँद पर वायुमंडल नहीं है, इसलिए उन्हें ऑक्सीजन और अन्य आवश्यक गैसों की आपूर्ति करनी होगी।
  • चाँद पर पानी बहुत कम मात्रा में है, इसलिए उन्हें पानी की आपूर्ति का प्रबंध करना होगा।
  • चाँद पर दिन और रात बहुत लंबे होते हैं, इसलिए उन्हें अपने शरीर की घड़ी को समायोजित करना होगा।

हालांकि, चाँद पर रहने वाले लोगों को कुछ फायदे भी मिलेंगे:

  • चाँद से पृथ्वी का अद्भुत दृश्य दिखाई देगा।
  • चाँद पर प्रदूषण नहीं होगा, इसलिए वातावरण स्वच्छ होगा।
  • चाँद पर खनिज और अन्य प्राकृतिक संसाधनों की भरमार होगी।

3. आपको क्या लगता है कि चाँद पर जीवन के लिए सबसे बड़ी चुनौती क्या होगी?

उत्तर: विचार में, चाँद पर जीवन के लिए सबसे बड़ी चुनौती गुरुत्वाकर्षण कम होना होगा। कम गुरुत्वाकर्षण के कारण, लोगों की हड्डियां और मांसपेशियां कमजोर हो सकती हैं, और उन्हें चलने-फिरने में परेशानी हो सकती है। इसके अलावा, कम गुरुत्वाकर्षण के कारण, चाँद पर वायुमंडल नहीं है, और यह जीवन के लिए खतरनाक है।

4.  यदि आप चाँद पर एक दिन के लिए राजा हो सकते हैं, तो आप क्या-क्या करेंगे?

उत्तर: यदि मैं चाँद पर एक दिन के लिए राजा हो सकता हूँ, तो मैं निम्नलिखित कार्य करूँगा:

  • मैं चाँद पर सभी लोगों के लिए समान अधिकार और अवसर सुनिश्चित करूँगा।
  • मैं चाँद पर शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं का विकास करूँगा।
  • मैं चाँद पर पर्यावरण की रक्षा के लिए कड़े नियम बनाऊँगा।
  • मैं चाँद पर अन्य ग्रहों के साथ संबंध स्थापित करूँगा।
  • मैं चाँद को सभी के लिए एक खुशहाल और समृद्ध स्थान बनाऊँगा।

5. यदि कोई सूरज के गप्पें लगाये तो वह क्या कहेगा?

उत्तर: सूरज से गप्पें लगाने का ख्याल ही बड़ा रोमांचक है! वो न सिर्फ हमारे ग्रह को रोशनी और गर्मी देता है, बल्कि लाखों ग्रहों को जीवन का आधार है। अगर हमारे पास उसके साथ बातचीत का मौका हो, तो उसकी बातें दिलचस्प होने के साथ-साथ ज्ञानवर्धक भी होंगी।

यहाँ सूरज की कुछ कहानियाँ हो सकती हैं:

  • “मैंने अनगिनत तारों के बीच जन्म लिया, एक तारे के विस्फोट से निकली अग्नि से जला हुआ।” वह अपने जन्म और उसके अविश्वसनीय आकार के बारे में बता सकता है।
  • “मैंने आकाशगंगा को बदलते हुए देखा है। नए तारे जन्म लेते हैं, बूढ़े तारे मरते हैं। यह एक कभी न खत्म होने वाला नृत्य है।” वह ब्रह्मांड के रहस्यों और ब्रह्मांडीय परिप्रेक्ष्य से पृथ्वी के इतिहास को साझा कर सकता है।
  • “मैं पृथ्वी के हर कोने को देखता हूँ। मैंने डायनासोरों को घूमते देखा है, इंसानों को पहला कदम बढ़ाते देखा है। इस ग्रह ने कई कहानियां अपने में छिपाई हैं।” वह पृथ्वी पर जीवन के विकास और उतार-चढ़ाव के बारे में रोचक कहानियाँ सुना सकता है।
  • “मैं सिर्फ ऊर्जा नहीं देता, बल्कि जीवन का संगीत भी बजाता हूँ। मेरे प्रकाश की धुन पर पेड़-पौधे नाचते हैं, पक्षी गाते हैं, और जीवन फलता-फूलता है।” वह अपने महत्व और प्रकृति के साथ अपने संबंध के बारे में बात कर सकता है।
  • “मुझे जलवायु बदलते हुए दिख रहा है। बर्फ पिघल रही है, समुद्र का स्तर बढ़ रहा है। इंसानों को सावधान रहने की जरूरत है।” वह पृथ्वी की समस्याओं के बारे में चिंता व्यक्त कर सकता है और मानव जाति को सलाह दे सकता है।

हम भी उससे बहुत कुछ पूछ सकते हैं:

  • “सबसे गर्म या सबसे ठंडा तारा कौन है?”
  • “क्या ब्रह्मांड में अकेले तारे भी हैं?”
  • “ब्लैक होल के अंदर क्या होता है?”
  • “क्या तुम सचमुच हमेशा ज़िंदा रहोगे?”

प्रश्न 3. भाषा की बात

1. “चाँद से थोड़ी सी गप्पे” कविता में किन-किन भाषा शैलियों का प्रयोग किया गया है?

उत्तर: “चाँद से थोड़ी सी गप्पे” कविता में निम्नलिखित भाषा शैलियों का प्रयोग किया गया है:

  • बातचीत: कविता में बच्ची और चाँद के बीच बातचीत के रूप में लिखा गया है।
  • वर्णन: कविता में चाँद के रूप-रंग और गतिविधियों का वर्णन किया गया है।
  • प्रश्नोत्तर: कविता में बच्ची चाँद से कई प्रश्न पूछती है और चाँद उनका उत्तर देता है।
  • कल्पना: कविता में कल्पना का प्रयोग करके चाँद को मानवीय गुणों से युक्त दिखाया गया है।
  • हास्य: कविता में कुछ पंक्तियाँ हास्यपूर्ण हैं, जैसे कि “तुम्हारे शरीर पर धब्बे क्यों हैं?” और “क्या तुम धरती से बड़े हो या छोटे?”

2. “चाँद से थोड़ी सी गप्पे” कविता में किन-किन अलंकारों का प्रयोग किया गया है?

उत्तर: चाँद से थोड़ी सी गप्पे” कविता में निम्नलिखित अलंकारों का प्रयोग किया गया है:

  • उपमा: “तुम्हारे शरीर पर धब्बे क्यों हैं?” – इस पंक्ति में चाँद के धब्बों की तुलना मिठाई के छींटे से की गई है।
  • रूपक: “तुम धरती से बड़े हो या छोटे?” – इस पंक्ति में चाँद को धरती के साथ तुलना करके उसकी तुलना की गई है।
  • व्यंजना: “तुम्हारे पास पंख क्यों नहीं हैं?” – इस पंक्ति में चाँद के पंख न होने का कारण व्यंजित किया गया है।
  • अतिशयोक्ति: “तुम्हारे शरीर पर धब्बे क्यों हैं?” – इस पंक्ति में चाँद के धब्बों की संख्या को अतिशयोक्तिपूर्ण तरीके से बताया गया है।

3. “चाँद से थोड़ी सी गप्पे” कविता में भाषा का प्रयोग कैसे किया गया है?

उत्तर: चाँद से थोड़ी सी गप्पे” कविता में भाषा का प्रयोग बहुत ही सरल और सहज है। कविता में छोटी-छोटी पंक्तियों का प्रयोग किया गया है, जो बच्चों के लिए समझने में आसान हैं। कविता में भाषा का प्रयोग कल्पनाशील और हास्यपूर्ण है, जो बच्चों को आकर्षित करता है।

NCERT Solutions for Class 6 Hindi Chapter 4

FAQ’s

“चाँद से थोड़ी सी गप्पे” कहानी में लेखक ने चाँद के बारे में क्या कल्पनाएँ प्रस्तुत की हैं?

“चाँद से थोड़ी सी गप्पे” में लेखक ने चाँद के बारे में विभिन्न कल्पनाएँ और रोचक किस्से प्रस्तुत किए हैं जो चाँद की सुंदरता और उसके रहस्यों को उजागर करते हैं।

कक्षा 6 हिंदी अध्याय 4 में चाँद के बारे में कौन-कौन सी विशेषताएँ बताई गई हैं?

कक्षा 6 हिंदी अध्याय 4 में चाँद की चमक, उसकी सतह, उसके आकार, और चाँद के विभिन्न चरणों के बारे में विशेषताएँ बताई गई हैं।

“चाँद से थोड़ी सी गप्पे” कहानी में किस प्रकार की भाषा का प्रयोग किया गया है?

“चाँद से थोड़ी सी गप्पे” कहानी में सरल और सुबोध भाषा का प्रयोग किया गया है जो बच्चों की जिज्ञासा को बढ़ाता है और उन्हें चाँद के बारे में रोचक तथ्यों को समझने में मदद करता है।

इस पाठ में चाँद के बारे में कौन-कौन सी वैज्ञानिक जानकारी दी गई है?

इस पाठ में चाँद के आकार, उसकी सतह, और चाँद के विभिन्न चरणों के बारे में वैज्ञानिक जानकारी दी गई है, जो छात्रों को चाँद की वास्तविकताओं को समझने में मदद करती है।

“चाँद से थोड़ी सी गप्पे” कहानी का मुख्य उद्देश्य क्या है?

“चाँद से थोड़ी सी गप्पे” कहानी का मुख्य उद्देश्य छात्रों को चाँद के बारे में रोचक तथ्यों और कल्पनाओं से अवगत कराना है, जिससे उनकी विज्ञान में रुचि बढ़े और वे चाँद की सुंदरता और रहस्यों को जान सकें।

- Advertisement -spot_imgspot_img
Latest news
- Advertisement -spot_img
Related news
- Advertisement -spot_imgspot_img

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here