Monday, June 17, 2024

लोकगीत

- Advertisement -spot_imgspot_img
- Advertisement -spot_img

NCERT Solutions for Class 6 Hindi Chapter 12

लोकगीतों को उन गानों के रूप में परिभाषित किया जाता है जो सामान्य लोगों द्वारा बनाए जाते हैं और जीवन की विविधता को प्रकट करते हैं। इन गीतों की अन्य गायकों या संगीतकारों के साथ कोई विशेष ज़रूरत नहीं होती है, और ये सामाजिक मूल्यों, परंपराओं, और जीवन की साधारण कहानियों को बयां करते हैं।

लोकगीतों की खासियत यह है कि वे अक्सर सरलता और सहजता के साथ बोली जाती हैं, और सामान्य लोगों की भाषा और जीवन की सीमाओं से संबंधित होती हैं। इनमें गायन और संगीत के साथ-साथ लोकप्रिय आदिवासी या स्थानीय वाद्ययंत्रों का भी उपयोग किया जाता है।

लोकगीत विभिन्न विषयों को कवर कर सकते हैं, जैसे कि दैनिक जीवन, प्रेम, समाजिक मुद्दे, और मनोरंजन। इनका मुख्य उद्देश्य लोगों को एक साथ लाना और उनकी भावनाओं को साझा करना होता है।

लोकगीत शास्त्रीय संगीत से बहुत अलग होते हैं। वे आमतौर पर सामाजिक और सांस्कृतिक मूल्यों के समर्थन के लिए बनाए जाते हैं, जो लोगों के बीच एकता और समरसता को बढ़ावा देते हैं।

लोकगीत का महत्व सामाजिक और सांस्कृतिक समृद्धि में है। ये गीत सुनकर लोग अपनी भावनाओं को व्यक्त करते हैं और अपनी परंपराओं और विरासत को समझते हैं।

NCERT Solutions for Class 6 Hindi Chapter 12

प्रश्न 1.  निबंध से

  1. निबंध में लोकगीतों के किन पक्षों की चर्चा की गई है ? बिंदुओं के रूप में उन्हें लिखो ।

उत्तर : 1. परिभाषा और उत्पत्ति:

  • लोकगीतों को परिभाषित किया गया है, उनकी मौखिक परंपरा और सामाजिक स्वामित्व पर प्रकाश डाला गया है।
  • विभिन्न लोकगीतों की उत्पत्ति और विकास की चर्चा, जैसे कि:
    • विभिन्न क्षेत्रों और समुदायों से: क्षेत्रीय और सांस्कृतिक विविधता को दर्शाता है।
    • ऐतिहासिक घटनाओं से: सामाजिक और राजनीतिक परिवर्तनों का प्रतिबिंब।
    • धार्मिक और आध्यात्मिक विश्वासों से: सांस्कृतिक मूल्यों और परंपराओं को दर्शाता है।

 2. विशेषताएं:

  • लोकगीतों की सरल भाषा, रचना, और माधुर्य का वर्णन।
  • लोकगीतों में प्रयुक्त विभिन्न साहित्यिक उपकरणों की व्याख्या, जैसे कि:
    • रूपक: प्रकृति और जीवन की तुलना।
    • उपमा: समानता और भिन्नता का चित्रण।
    • अनुप्रास: ध्वनि और लय का प्रभाव।
  • लोकगीतों में प्रयुक्त विभिन्न संगीत वाद्ययंत्रों का उल्लेख।

3. विषय-वस्तु:

  • लोकगीतों में विभिन्न विषयों का समावेश, जैसे कि:
    • प्रेम और प्रेम-विरह: मानवीय भावनाओं की अभिव्यक्ति।
    • प्रकृति और पर्यावरण: प्राकृतिक सुंदरता का वर्णन और पर्यावरण के प्रति सम्मान।
    • सामाजिक मुद्दे: सामाजिक बुराइयों, रीति-रिवाजों और परंपराओं पर टिप्पणी।
    • ऐतिहासिक घटनाएं: सामाजिक और राजनीतिक परिवर्तनों का वर्णन।

4. सामाजिक महत्व:

  • मनोरंजन और सामाजिक सम्मेलन के साधन के रूप में लोकगीतों की भूमिका का वर्णन।
  • सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने और सामाजिक मूल्यों को प्रसारित करने में लोकगीतों की महत्वपूर्ण भूमिका।
  • विभिन्न समुदायों के बीच सामाजिक एकता और बंधुत्व को बढ़ावा देने में लोकगीतों का योगदान।

5. लोकगीतों का वर्गीकरण:

  • विभिन्न प्रकार के लोकगीतों का वर्गीकरण, जैसे कि:
    • लोकगीत: विभिन्न क्षेत्रों और समुदायों से संबंधित गीत।
    • भक्ति गीत: धार्मिक और आध्यात्मिक भावनाओं को व्यक्त करने वाले गीत।
    • बाल गीत: बच्चों के मनोरंजन और शिक्षा के लिए गीत।
    • काम के गीत: विभिन्न कार्यों के दौरान गाए जाने वाले गीत।

6. लोकगीतों का संरक्षण:

  • लोकगीतों को संरक्षित करने और आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने की आवश्यकता पर बल दिया गया है।
  • विभिन्न संरक्षण प्रयासों का उल्लेख, जैसे कि:
    • लोकगीतों का दस्तावेजीकरण: लिखित और ऑडियो-वीडियो रिकॉर्डिंग।
    • लोकगीतों को शिक्षा में शामिल करना: स्कूली पाठ्यक्रम में लोकगीतों का समावेश।
    • लोकगीतों का प्रदर्शन और प्रचार: सांस्कृतिक कार्यक्रमों और उत्सवों में लोकगीतों को प्रोत्साहन।
  1.  हमारे यहाँ स्त्रियों के खास गीत कौन-कौन से हैं?

उत्तर : विवाह गीत: विवाह समारोहों के दौरान गाए जाने वाले गीत, जो दुल्हन की विदाई, दुल्हन और दूल्हे के लिए शुभकामनाएं, और विवाह के महत्व को दर्शाते हैं।

  • मटकौर: स्त्रियों द्वारा गाये जाने वाले लोकगीत, जो प्रेम, विरह, और सामाजिक मुद्दों जैसे विषयों को दर्शाते हैं।
  • ज्यौनार: स्त्रियों द्वारा गाये जाने वाले गीत, जो स्त्रियों के साहस, वीरता, और त्याग को दर्शाते हैं।
  • जन्म के समय के गीत: बच्चे के जन्म के समय गाए जाने वाले गीत, जो खुशी, शुभकामनाएं, और बच्चे के उज्ज्वल भविष्य की आशा को दर्शाते हैं।
  • त्यौहारों के गीत: विभिन्न त्योहारों के दौरान गाए जाने वाले गीत, जो त्योहारों का महत्व, उत्सव और खुशी को दर्शाते हैं।
  • सावन के गीत: सावन के महीने में गाए जाने वाले गीत, जो प्रेम, विरह, और प्रकृति की सुंदरता को दर्शाते हैं।
  • होली के गीत: होली के त्योहार के दौरान गाए जाने वाले गीत, जो उत्सव, खुशी, और मस्ती को दर्शाते हैं।
  • विरह के गीत: प्रेम में विरह का अनुभव करने वाली स्त्रियों द्वारा गाये जाने वाले गीत।
  • सम्बन्धियों के लिए प्रेमयुक्त गाली के गीत: स्त्रियों द्वारा अपने रिश्तेदारों, जैसे कि पति, भाई, और पिता, के लिए प्रेम और स्नेह व्यक्त करने के लिए गाये जाने वाले गीत।
  • नदी में नहाते समय के गीत: स्त्रियों द्वारा नदी में नहाते समय गाये जाने वाले गीत, जो प्रकृति की सुंदरता और स्त्रियों की खुशी को दर्शाते हैं।
  • ऋतुओं से सम्बन्धित गीत: विभिन्न ऋतुओं के दौरान गाए जाने वाले गीत, जो ऋतुओं के बदलाव और प्रकृति की सुंदरता को दर्शाते हैं।\
  1. निबंध के आधार पर और अपने अनुभव के आधार पर ( यदि तुम्हें लोकगीत सुनने के मौके मिले हैं तो) तुम लोकगीतों की कौन सी विशेषताएँ बता सकते हो ?

उत्तर : 1. सरलता:

  • लोकगीतों की भाषा सरल और आम बोलचाल की भाषा होती है।
  • इनमें जटिल शब्दों और व्याकरण का उपयोग नहीं होता है।
  • यह सरलता उन्हें सभी के लिए समझने और गाने में आसान बनाती है।

2. मौखिक परंपरा:

  • लोकगीत पीढ़ी दर पीढ़ी मुख पर चलते हैं।
  • इनका कोई लिखित रूप नहीं होता है।
  • यह मौखिक परंपरा उन्हें जीवंत और गतिशील बनाती है।

3. सामाजिक स्वामित्व:

  • लोकगीत किसी एक व्यक्ति के नहीं होते हैं।
  • ये पूरे समाज की सामूहिक रचना होते हैं।
  • यह सामाजिक स्वामित्व उन्हें सामाजिक और सांस्कृतिक मूल्यों का प्रतिबिंब बनाता है।

4. विविधता:

  • भारत में विभिन्न क्षेत्रों और समुदायों के अपने-अपने लोकगीत हैं।
  • इनमें भाषा, रचना, माधुर्य, और विषय-वस्तु में विविधता होती है।
  • यह विविधता भारत की सांस्कृतिक समृद्धि को दर्शाती है।

5. भावनात्मकता:

  • लोकगीत भावनाओं से भरपूर होते हैं।
  • इनमें प्रेम, विरह, खुशी, दुःख, सामाजिक मुद्दों, और प्रकृति की सुंदरता जैसे भावनाओं को व्यक्त किया जाता है।
  • यह भावनात्मकता उन्हें लोगों से जुड़ने में मदद करती है।

6. सामाजिक महत्व:

  • लोकगीत मनोरंजन और सामाजिक सम्मेलन का साधन होते हैं।
  • ये सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने और सामाजिक मूल्यों को प्रसारित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
  • विभिन्न समुदायों के बीच सामाजिक एकता और बंधुत्व को बढ़ावा देने में योगदान करते हैं।

7. संगीत:

  • लोकगीतों में सरल और आकर्षक संगीत होता है।
  • इनमें पारंपरिक वाद्ययंत्रों का उपयोग होता है।
  • यह संगीत उन्हें मनोरंजक और प्रभावशाली बनाता है।

मेरा अनुभव:

  • मुझे विभिन्न अवसरों पर लोकगीत सुनने का मौका मिला है।
  • मैंने त्योहारों, शादियों, और सामाजिक समारोहों में लोकगीतों को गाते और सुनते हुए लोगों का आनंद देखा है।
  • लोकगीतों की सरलता, भावनात्मकता, और संगीत मुझे हमेशा आकर्षित करते हैं।
  • लोकगीतों ने मुझे भारत की सांस्कृतिक विविधता और समृद्धि का अनुभव कराया है।
  1. ‘पर सारे देश के… अपने-अपने विद्यापति हैं’ इस वाक्य का क्या अर्थ पढ़कर मालूम करो और लिखो ।

उत्तर : 

इस वाक्य का अर्थ है कि:

  • विद्यापति केवल मैथिली भाषा के प्रसिद्ध कवि नहीं थे, बल्कि पूरे देश में हर क्षेत्र में ऐसे कवि हैं जिनके गीत उस क्षेत्र में लोकप्रिय हैं।
  • जैसे मिथिला में विद्यापति के गीत प्रसिद्ध हैं, वैसे ही अन्य क्षेत्रों में भी ऐसे कवि हैं जिनके गीत उस क्षेत्र के लोगों के जीवन का हिस्सा बन गए हैं।
  • यह वाक्य भारत की सांस्कृतिक विविधता और समृद्धि को दर्शाता है।

इस वाक्य से हमें यह शिक्षा मिलती है कि:

  • हमें अपनी संस्कृति और भाषा का सम्मान करना चाहिए।
  • हमें अन्य क्षेत्रों की संस्कृति और भाषा को भी स्वीकार करना चाहिए।
  • हमें विभिन्न क्षेत्रों के लोगों के बीच सामाजिक एकता और बंधुत्व को बढ़ावा देना चाहिए।

उदाहरण:

  • बुंदेलखंड में राजकवि जगनिक का ‘आल्हा’ गीत बहुत प्रसिद्ध है।
  • राजस्थान में मीराबाई के भजन बहुत लोकप्रिय हैं।
  • पंजाब में गुरु नानक देव जी के शबद बहुत प्रसिद्ध हैं।

प्रश्न 2. अनुमान और कल्पना

  1. क्या लोकगीत और नृत्य सिर्फ़ गाँवों या कबीलों में ही गाए जाते हैं? शहरों के कौन से लोकगीत हो सकते हैं? इस पर विचार करके लिखो ।

उत्तर : लोकगीत और नृत्य केवल गाँवों या कबीलों तक सीमित नहीं हैं।

शहरों में भी लोकगीत और नृत्य प्रचलित हैं।

शहरों के लोकगीतों के कुछ उदाहरण:

  • शहरी बाबू: यह गीत शहरों में रहने वाले लोगों के जीवन और अनुभवों को दर्शाता है।
  • नगरी: यह गीत शहरों की सुंदरता और भव्यता का वर्णन करता है।
  • फिल्मी गीत: फिल्मी गीत भी लोकगीतों की श्रेणी में आते हैं। ये गीत शहरों में बहुत लोकप्रिय होते हैं।
  • ग़ज़ल: ग़ज़ल भी एक प्रकार का लोकगीत है। ये गीत प्रेम, विरह, और अन्य भावनाओं को व्यक्त करते हैं।
  • भजन: भजन भी एक प्रकार का लोकगीत है। ये गीत भक्ति और आध्यात्मिक भावनाओं को व्यक्त करते हैं।

शहरों में लोकगीतों और नृत्यों के कुछ कारण:

  • ग्रामीणों का शहरों में प्रवास: ग्रामीण लोग शहरों में रोजगार और बेहतर जीवन स्तर की तलाश में जाते हैं। वे अपने साथ अपनी संस्कृति और लोकगीतों को भी लाते हैं।
  • सांस्कृतिक मिश्रण: शहरों में विभिन्न क्षेत्रों और समुदायों के लोग रहते हैं। इन लोगों के बीच सांस्कृतिक मिश्रण होता है, जिसके फलस्वरूप नए लोकगीत और नृत्यों का जन्म होता है।
  • मीडिया का प्रभाव: मीडिया, जैसे कि रेडियो, टेलीविजन, और इंटरनेट, लोकगीतों और नृत्यों को लोकप्रिय बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

शहरों में लोकगीतों के कुछ उदाहरण:

  • शहरी बाबू: यह गीत शहरों में रहने वाले लोगों के जीवन और अनुभवों को दर्शाता है।
  • नगरी: यह गीत शहरों की सुंदरता और भव्यता का वर्णन करता है।
  • फिल्मी गीत: फिल्मी गीत भी लोकगीतों की श्रेणी में आते हैं। ये गीत शहरों में बहुत लोकप्रिय होते हैं।
  • ग़ज़ल: ग़ज़ल भी एक प्रकार का लोकगीत है। ये गीत प्रेम, विरह, और अन्य भावनाओं को व्यक्त करते हैं।
  • भजन: भजन भी एक प्रकार का लोकगीत है। ये गीत भक्ति और आध्यात्मिक भावनाओं को व्यक्त करते हैं।
  1. ‘जीवन जहाँ इठला- इठलाकर लहराता है, वहाँ भला आनंद के स्रोतों की कमी हो सकती है? उद्दाम जीवन के ही वहाँ के अनंत संख्यक गाने प्रतीक हैं।’ क्या तुम इस बात से सहमत हो ? ‘बिदेसिया’ नामक लोकगीत से कोई कैसे आनंद प्राप्त कर सकता है और वे कौन लोग हो सकते हैं जो इसे गाते – सुनते हैं ? इसके बारे में जानकारी प्राप्त करके कक्षा में सबको बताओ।

उत्तर : इस कथन में सच्चाई है।जहाँ जीवन इठलाता-इठलाकर लहराता है, वहाँ भौतिक सुख-सुविधाओं की कमी नहीं होती।

लेकिन भौतिक सुख-सुविधाओं से ही आनंद नहीं मिलता। आनंद आता है मन की शांति से, प्रेम से, और जीवन के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण से।उद्दाम जीवन में अक्सर मन अशांत रहता है।इसलिए उद्दाम जीवन में आनंद के स्रोतों की कमी हो सकती है।उद्दाम जीवन के गीतों में भी यह भावना व्यक्त होती है।

उदाहरण के लिए, ‘बिदेसिया’ नामक लोकगीत में एक विरहिणी स्त्री अपने प्रियतम की विरह में गा रही है।

इस गीत में स्त्री के दुःख और दर्द को व्यक्त किया गया है।लेकिन इस गीत में स्त्री की आशा और विश्वास भी व्यक्त होता है।

यह गीत हमें सिखाता है कि जीवन में दुःख और दर्द भी होते हैं, लेकिन हमें आशा नहीं छोड़नी चाहिए।

‘बिदेसिया’ गीत को गाते-सुनने वाले लोग:

  • यह गीत मुख्य रूप से महिलाओं द्वारा गाया जाता है।
  • यह गीत विरह, प्रेम, और आशा की भावनाओं को व्यक्त करता है।
  • यह गीत शादीशुदा महिलाओं द्वारा गाया जाता है, जो अपने पति के विदेश में होने पर विरह का अनुभव करती हैं।
  • यह गीत कुंवारी लड़कियों द्वारा भी गाया जाता है, जो प्रेम और विवाह की आशा करती हैं।

प्रश्न 3. भाषा की बात

  1. ‘लोक’ शब्द में कुछ जोड़कर जितने शब्द तुम्हें सूझें, उनकी सूची बनाओ। इन शब्दों को ध्यान से देखो और समझो कि इनमें अर्थ की दृष्टि से क्या समानता है। इन शब्दों से वाक्य भी बनाओ, जैसे- लोककला ।

उत्तर : लोक शब्द में कुछ जोड़कर बनाए गए शब्दों की सूची:

  1.  लोकगीत
  2. लोककथा
  3. लोकनृत्य
  4. लोकवाद्य
  5. लोकनाटक
  6. लोकमान्यता
  7. लोककला
  8. लोकप्रिय
  9. लोक भाषा
  10. लोकजीवन

       इन शब्दों से बने वाक्य:

  1. लोकगीत गाँवों के लोगों के जीवन और अनुभवों को दर्शाते हैं।
  2. लोककथा पीढ़ी दर पीढ़ी मुख पर चलती हैं और हमें हमारी संस्कृति और परंपराओं से जोड़ती हैं।
  3. लोकनृत्य विभिन्न क्षेत्रों की संस्कृति और परंपराओं को दर्शाते हैं।
  4. लोकवाद्य पारंपरिक वाद्य यंत्र हैं जो लोकगीतों और लोकनृत्यों में उपयोग किए जाते हैं।
  5. लोकनाटक सामाजिक मुद्दों और जीवन के विभिन्न पहलुओं को दर्शाते हैं।
  6. लोकमान्यता लोगों की धारणाएँ और विश्वास हैं जो पीढ़ी दर पीढ़ी चले आ रहे हैं।
  7. लोककला विभिन्न क्षेत्रों की कला और शिल्प की परंपराओं को दर्शाती है।
  8. लोकप्रिय वे चीजें हैं जो लोगों को पसंद होती हैं और जिनका वे उपयोग करते हैं।
  9. लोक भाषा वह भाषा है जो किसी क्षेत्र के लोग बोलते हैं।
  10. लोकजीवन लोगों के जीवन जीने का तरीका और उनकी परंपराओं को दर्शाता है।

NCERT Solutions for Class 6 Hindi Chapter 12

FAQ’s

Class 6 Hindi Chapter 12 का मुख्य विषय क्या है?

Class 6 Hindi Chapter 12 का मुख्य विषय लोकगीत हैं। यह पाठ विभिन्न प्रकार के लोकगीतों और उनकी सांस्कृतिक महत्वपूर्णता पर प्रकाश डालता है।

Class 6 Hindi Chapter 12 में कौन-कौन से लोकगीतों का उल्लेख है?

Class 6 Hindi Chapter 12 में विभिन्न प्रकार के लोकगीतों का उल्लेख है, जो भारतीय संस्कृति और परंपरा को दर्शाते हैं।

Class 6 Hindi Chapter 12 के लोकगीतों को पढ़कर हमें क्या सीखने को मिलता है?

Class 6 Hindi Chapter 12 के लोकगीतों को पढ़कर हमें भारतीय संस्कृति, परंपरा और समाज की विभिन्न पहलुओं के बारे में जानने का अवसर मिलता है।

Class 6 Hindi Chapter 12 के लिए NCERT Solutions कहाँ मिल सकते हैं?

Class 6 Hindi Chapter 12 के लिए NCERT Solutions विभिन्न शैक्षणिक वेबसाइटों पर उपलब्ध हैं education85, जहाँ से आप उन्हें डाउनलोड कर सकते हैं।

Class 6 Hindi Chapter 12 में लोकगीतों का क्या संदेश है?

Class 6 Hindi Chapter 12 में लोकगीतों का संदेश है कि ये हमारी सांस्कृतिक धरोहर हैं और इन्हें सहेजना एवं अगली पीढ़ियों को हस्तांतरित करना आवश्यक है।

Class 6 Hindi Chapter 12 के लोकगीत किस प्रकार की भावनाओं को व्यक्त करते हैं?

Class 6 Hindi Chapter 12 के लोकगीत प्रेम, खुशी, उत्सव, दुख, और विभिन्न जीवन घटनाओं से जुड़ी भावनाओं को व्यक्त करते हैं।

Class 6 Hindi Chapter 12 के लोकगीतों में कौन-कौन से तत्व शामिल होते हैं?

Class 6 Hindi Chapter 12 के लोकगीतों में साहित्यिक तत्व, संगीत तत्व, और सामाजिक तत्व शामिल होते हैं, जो इन्हें विशिष्ट और सांस्कृतिक रूप से महत्वपूर्ण बनाते हैं।

Class 6 Hindi Chapter 12 के लोकगीतों का अभ्यास करने से क्या लाभ होता है?

Class 6 Hindi Chapter 12 के लोकगीतों का अभ्यास करने से छात्रों को उनकी संस्कृति, परंपरा, और समाज की गहरी समझ प्राप्त होती है, और वे अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ाव महसूस करते हैं।

- Advertisement -spot_imgspot_img
Latest news
- Advertisement -spot_img
Related news
- Advertisement -spot_imgspot_img

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here